हमने स्वीकार कर लिया, तुम्हें स्वीकार नही।
चुप चाप गुज़ार देंगे तेरे बिन भी ये जिंदगी,
उसकी खामोशी ही उसकी सबसे बड़ी पुकार है,
इशारे से कहा हम दिल का ऐसा हाल करते हैं…!
वही सबसे पहले हमारे विश्वास को तोड़ जाते हैं।
ना मेरा यार अपना था, ना मेरा प्यार अपना था, काश ये दिल मान लेता ये सब सपना था…!!!
टूटा हूँ मैं यूँ कि अब जुड़ना मुश्किल है,
रोज तो वो मरते है जो खुद से ज्यादा किसी और को चाहते हैं…!
मगर क्या करूँ, मैं अपनी मोहब्बत से हारा हूँ।
होंठों पर हँसी है… और आवाज़ में दर्द के छाले हैं।
अपना बनाकर फिर Sad Shayari in Hindi कुछ दिनों में बेगाना कर दिया,
कि अब किसी और पर भरोसा करना मुश्किल हुआ।
बोहत मुस्कील से करता हु तेरी यादों का कारोबार,
लोगो में अफवाह है के लड़के रोते नही है…!